हमारा उदेश्य सामाजिक न्याय की स्थापना जनजागरण अभियान --ओबीसी संयोजन समिति-
शिक्षा तर्कों को जन्म देती है और इस तर्कों से विज्ञान का जन्म हुआ है और इस विज्ञान से मानव जीवन सुगम हुआ है इसलिए शिक्षा पर व्यापक सुधार एवं चर्चा होती रहनी चाहिए आपका शिक्षा के क्षेत्र में प्रयास अतुलनीय है... शिक्षा के प्रचार प्रसार में असमानता ना हो इसलिए समान हिस्सेदारी लागू होनी चाहिए.
समान हिस्सेदारी प्राप्त करने की संघर्षों में कौन अपना है ?
कौन पराया ? यह मत देखना !
अपने समान हिस्सेदारी की जंग, महाभारत के अर्जुन के समान लड़ना .
हिस्सेदारी के लिए भाई-भाई में झगड़ा हो जाता है अगर पंच परमेश्वर न्याय सही ना करे तो!
ओबीसी समाज को जब तक हिस्सेदारी नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष के मैदान में वह खड़ा मिलेगा!
क्योंकि महाभारत शुरू हो गया है और पांच पांडव माता जी के आशीर्वाद लेकर जंग के लिए निकल चुके हैं
इस देश में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक तौर पर आरक्षण - हिस्सेदारी का विरोध नहीं कर सकता, अगर कोई विरोध करता है तो उनके आसपास के जितने भी एसटी- एससी- ओबीसी समाज के लोग हैं, उनका बाय कार्ड करें! क्योंकि यह वह लोग हैं जो तुम्हारे बच्चों के शिक्षा नौकरी व्यापार और प्रतिनिधित्व का अधिकार षडयंत्र पूर्वक छीन लिए हैं! इसलिए तुम गरीब और तुम्हारा कदर नहीं है!
तब समझ आ जाएगा पिछड़ों के हिस्सेदारी- आरक्षण का विरोध करने का मतलब!
गांधी- अंबेडकर -चंदापुरी के इस देश में सामाजिक न्याय का विरोध करने वालों को कोई भाव क्या सम्मान ही मत दो
परिवार, समाज , वर्ग और देश को क्रम में प्राथमिकता दिया जाए उसके बाद राजनीतिक पार्टियों का नाम आता है
किसी को शुद्ध बोले तो वह जीजा बन गया हमें मत बोलना हम कहीं बप बन जाएंगे
किसी के लिखने कहने मात्र से हम शुद्र नहीं हैं हम बरसों से समाज की रोटी कपड़ा और मकान की आवश्यकता को पूरा करते आए हैं भारतीय सभ्यता के उन्नत होने के वैज्ञानिकता वाद के हम प्रमाण है, हम सभी सनातनी के आराध्य देवों के देव शिव जी हैं! हम अपने आप को हिंदू मानते हैं सिंधु घाटी सभ्यता से विकास में आए हैं... हम सब भारती ने गुलामी की बंधनों से 1947 में आजाद हो गए, 26 जनवरी 1950 के दिन से सभी धार्मिक शोषण एवं आडंबर से मुक्त होकर उत्पादक वर्ग -ओबीसी स्वाभिमान के साथ कहलाने लगे! हम अपना समान हिस्सेदारी हासिल करके ही रहेंगे!
मैदाने में अभी समान हिस्सेदारी का जंग बाकी है, हमारे ओबीसी वीर अभी रण में आना बाकी है
आरक्षण ही हिस्सेदारी है यकीन नहीं हो तो ST. एससी और सवर्ण ईडब्ल्यूएस आरक्षण प्रतिशत को देख लो सभी को आबादी के आधार पर उनको मिला है ओबीसी के आबादी 52% है लेकिन अभी तक उनको 52% हिस्सेदारी जिनको आरक्षण कहते हैं अभी तक मिला नहीं है! ओबीसी को 1992 से अब तक 5% भी हिस्सेदारी मिला नहीं है, और हमारी समान भागीदारी अगर खत्म कर दी जाएगी , तो लगता है ओबीसी वर्ग सिर्फ सरकार को टैक्स देने के उपयोग में आएगी! ओबीसी के वर्ग में आने वाले सभी जातियों को अपने बच्चों के लिए आवाज उठानी पड़ेगी! परिवार की न्याय समान हिस्सेदारी को देश में भी लागू किया जाए
हरे राम, हरे कृष्ण.. सरकार के विकास नाम मात्र से ज्यादा, अधिकार की तृष्णा ! सत्यमेव जयते
बिजली बिल, डाटा रिचार्ज, स्वास्थ्य खर्च, महंगाई की मार अंग्रेजों का जुल्म लगे!
562 रियासत के समय की जिंदगी फिर से लौट रही है... महंगाई और सीना जोरी चरम पर है अब तो आ जाओ फिर से बापू मेरे....
जो धर्म न्याय करता है जो धार्मिक व्यक्ति न्याय संगत बोलता है जो धार्मिक संत ज्ञान और विज्ञान की राह दिखाता है उसका हम आदर करते हैं इसके अलावा अन्याय करने वाला पक्षपात करने वाला और भेदभाव करने वाला एक दिन देश को ही बेचकर खा जाता है!
ओबीसी को सम्मान हिस्सेदारी दो
उसे व्यक्तियों से तुम न्याय की उम्मीद करते हो, देशभक्ति की उम्मीद करते हो !
जो दामाद जिसको बनाऊंगा ,
बहू जिसको बनाऊंगा , इस वर्ग को पर वोट करते हैं
सामाजिक न्याय किसी परिवार के अधिकार के साथ अन्याय ना हो इसलिए की जाती है... कोई परिवार चाह कर भी पिछड़ा वर्ग से अलग नहीं हो सकता क्योंकि उसकी जाति बदल नहीं सकती! दूसरे जाति वाले उसको अपना भी नहीं सकते!- आईटी के किंग मूर्ति परिवार जी आपका लाखों करोड़ों का दान कहां खर्च होता है आप जानते हैं..
देश के बड़े-बड़े उद्योगपति और शिक्षा के महत्व को जानने वाले दिल खोलकर शिक्षा के लिए दान कर रहे हैं , लेकिन यह पैसा कहां जाता है?
दिनों दिन शिक्षा का बजट तो कम होते जा रहा है!
बच्चों को शिक्षा देकर बेहतर इंसान देश के लिए बनाया जा सकता है , बुरा इंसान किसी को भी अभाव में, लालच और मजबूरी में धकेल कर राजनीति बना देती है
ओबीसी समाज समाज हिंदू है या नहीं पर अपना सही तर्क दिया करें... तब लड़ाई में जीत होगी!
भारत देश में दो तरह के विचार धाराओं ने कब्जा कर लिया है, एक वह है जो किसी को अधिकार नहीं दूंगा!
आरक्षण मतलब समान हिस्सेदारी बिल्कुल अपने माता-पिता के मुकुट जैसा है, मतलब हिस्सेदारी भारत माता की वफादार संतान के होने के जिम्मेदारी है! इस आरक्षण रूपी समान हिस्सेदारी को हम हर हाल में हासिल कर लेंगे!
ओबीसी इसलिए गरीब है क्योंकि उसकी हिस्सेदारी का अवसर मिला ही नहीं, जब शुरुआत हुआ था तो क्रीमी लेयर निजीकरण और ईडब्ल्यूएस ने खत्म कर दिया!
इसलिए अब भारत देश को सशक्त बनाना है तो समान हिस्सेदारी सामाजिक न्याय लागू करना ही होगा
अपनी जाति का सम्मान करो, क्योंकि परिवारिक रिश्ते इसी जाति में होती है!
अपने वर्ग के अधिकार के लिए सहयोग करें, क्योंकि यही अधिकार पूरे भारत देश में सम्मान दिलाती है!
कोई जाति छोटी है ना बड़ी है, सब बराबर है l ये देश मे सबकी आवश्यकता है l कहकर आपकी जाति और वर्ग को कमजोर किया जा रहा है
कुछ जाति वर्ग सिर्फ उस जाति को ही vote देते हैं जहां से दामाद और बहू बनाते हैं!
बाकी जातियों को देशभक्ति और धर्म के नाम पर उलझते हैं!
देश स्वतंत्र और संविधान लागू होने के बाद भी अगर आपकी जाति वर्ग को समान हिस्सेदारी नहीं मिला है !
और आज भी 75 वर्ष बाद कोई सवर्ण आकर बोले कि अब भेदभाव नहीं है सभी लोग भारत देश में समान है तो उनके घर अपने समाज के लड़के का रिश्ता के लिए जरूर जाना!
उसी दिन, वह जाती आपको नीच नहीं समझता इसका भ्रम टूट जाएगा!
देश की सेवा करने करने के लिए लोग चुनाव में नहीं खड़े हुए हैं यह सब OBC वर्ग से नहीं आते, आते भी होंगे तो कभी समान हिस्सेदारी के लिए आवाज बुलंद किया ही नहीं, यह वे लोग हैं जो तुम्हारे हिस्सेदारी को मिलकर खत्म करना चाहते हैं! इनकo vote ट ओबीसी समाज से चाहिए, लेकिन हमारे हिस्सेदारी का यह खुद खा जाएं
भारत को इसलिए स्वतंत्र करने में बलिदान दिए जिस संविधान अपने हीतो, अधिकारों और सम्मान के लिए हो! स्वतंत्र भारत में मैं हूं श्रेष्ठ हूं यह कहां का न्याय है! इसलिए सभी सरकारी और निजी क्षेत्र में सामाजिक न्याय- समान हिस्सेदारी 100% लागू हो
33- 34% की वोटिंग लेकर सरकार बनेगी तो ऐसे ही विकास होगी! इसका मतलब ही है जनता, सरकार नहीं चाहते सुविधा चाहते हैं!
जनता को भी कौन बताएं जब तक 51% प्रतिशत की voting से जीतने वाली सरकार बनेगी तभी सार्वजनिक सुविधा दुरुस्त हो गई!
यह सब संभव है सामाजिक न्याय लागू होने से...
भारत माता के लेफ्ट और राइट में किसान और मजदूर की मूर्तियों का चौक बनने चाहिए!.. हमारी बात का समर्थन करते हैं तो ओबीसी संयोजन समिति-छत्तीसगढ़ office के साथ जुड़ी है
अब भारत में अब ऐसा लगता है कि हर वह जगह जहां विवाद हो , लोग वर्तमान मूर्ति से सहमत ना हो तो , वहां भारत माता की मूर्ति और तिरंगे झंडे लगने वाली है! पहली बार अपने उद्देश्य में कामयाब नहीं होने के बाद देश के शरण में आए हैं!
देश को प्राथमिकता देना ही गांधीवादी विचारधारा है!
शिक्षा- शास्त्र
सुरक्षा- शस्त्र
सम्मान- समान हिस्सेदारी,
यही मानव के लिए भगवान के सच्ची आशीर्वाद के समान है!
कुछ शोषणकारी- सत्ताधारी लोग इसीलिए सदियों से उत्पादक वर्गों को सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ी रखा जिससे हमारी सुरक्षात्मक कवच टूट गई !
हमारे सनातन देव के आशीर्वाद से खत्म कर देंगे भारत माता के हत्यारे भ्रष्टाचार, अन्यपूर्ण अधिकार, काला धन और निजीकरण के व्यापार करने वाले मक्कार को!
किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में आदि से अंत तक की बेहतर प्लानिंग होनी चाहिए जिससे जनता का टैक्स का धन का सदुपयोग हो!
हरे राम, हरे कृष्ण, सत्य यही है!
मुंह में राम-राम बगल में छुरी रखने वाले कभी नहीं समझ पाएंगे, गांधी जी ने देश के लिए क्या किया?
हमारे लिए प्रकृति का सत्य ही है सूर्य और चंद्र, जिनके ब्रह्मांड में अस्तित्व से हमारा अस्तित्व है!
ओबीसी को अधिकार देने के लिए न्यायपालिका ही क्यों रोक लगा रही है?
इसका मतलब साफ है सारे अधार्मिक आडंबर ओबीसी समाज को अधिकार नहीं देने के लिए क्या जा रहा है?
जय हिंद, वंदे मातरम !- सीमा में ड्यूटी दे रहे सभी जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं!
उजाला का पर्व , तेली वैज्ञानिक खोज उत्सव का पर्व!
भोजन के स्वाद में और हर रातों में प्रकाश के लिए तेली वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत धन्यवाद !
सभी राजनेता हर मुकाम प्राप्त कर लिए हैं लेकिन ओबीसी समाज को अब तक उनका हिस्सेदारी नहीं मिला है जी पुस्तक में ओबीसी वर्ग वर्ग के जातियों का सम्मान नहीं अधिकार नहीं ऐसे पुस्तक को आंख बंद करके स्वीकार करना समाज के हित में नहीं होगा जबकि ओबीसी के बाद उनका 52प्रतिशत है!
कुछ लोग हैं देश विरोधी बातें करते हैं ओबीसी विद्रोही बातें करना माना जाए!
सामाजिक न्याय समान हिस्सेदारी एक ही विकल्प है भारत को शीर्ष तक पहुंचने में..
धर्म की आड़ में ओबीसी आरक्षण को खत्म करने वाले को लात मारो.. सनातन के सबसे बड़े देवता Shivji hai उनके सबसे बड़े भक्त ओबीसी हैं और उनको ही न्याय नहीं मिल रहा है इसे डरी नहीं मिल रहा है इसका मतलब है कोई पागल है जो हिस्सेदारी खा रहा है
आरक्षण को परिभाषित कीजिए
समान हिस्सेदारी क्या है? यह भी समझिए !
परिवार में भी आरक्षण- समान हिस्सेदारी नहीं होना चाहिए ,
अगर देश में आरक्षण नहीं, हिस्सेदारी नहीं तो...
बहुत सारे ऐसे क्षेत्र हैं जिसमें योग्यता का सम्मान ही नहीं है... इसलिए देश को सामाजिक समान हिस्सेदारी देना जरूरी है
गांधी जी ने वह काम किया है लेकिन उन्होंने सिर्फ अपने सम्मान के लिए काम नहीं किया है, देश के लिए काम किया है.. 1915 में ही लोगों ने देशभक्ति गांधी जी से करना सीखकर आंदोलन में भाग लिया.... उस समय विदेशियों से निपटना सबसे बड़ी समस्या था, गांधी जी को पूरा देश जानने और सम्मान देने लगा वर्तमान में भारत की पहचान विश्व में अहिंसा के पुजारी गांधी जी के नाम से है इसलिए नोटों में उनका चित्र भारत का सम्मान बढ़ता है!
स्वयं के लिए ज्ञान, इतिहास एक खोज है. आप गरीब है अशिक्षित है आपको सम्मान नहीं मिल रहा है इसका मतलब है आप दूसरे के द्वारा थोपे गए कुतरका इतिहास को मान रहे हैं! आपका इतिहास वैभवशाली है आप सबसे ज्यादा आधिकारिक व्यक्ति है- आप मूल भारतीय समुदाय है -ओबीसी है!
समान हिस्सेदारी लागू करो!
ओबीसी वर्ग को न्याय नहीं मिलता तो ओबीसी वर्ग पाप और पुण्य की बात छोड़कर सिर्फ संघर्ष का रास्ता अपनाएं
जो बोलते हैं कि जातिवाद नहीं हूं वह देख लेना रिश्ते अपने जाति में ही करते! जो बोलते हैं मैं आरक्षण के के पक्षधर नहीं हूं उसको देख लेना अपने बच्चों को अपनी संपत्ति में समान हिस्सेदारी( आरक्षण) देता है!
आरक्षण की परिभाषा को गलत नहीं कर सकते, आरक्षित होने का मतलब ही है समान हिस्सेदारी आपको मिलना ही मिलना है!
जब 52% ओबीसी समाज छत्तीसगढ़ भारत देश में है तो 52% हिस्सेदारी ओबीसी वर्ग को मिलना ही मिलना चाहिए!
आरक्षण और समान हिस्सेदारी नहीं लागू करने पर कठोर दंड के साथ जेल होने का का भी नियम बनना चाहिए!
जय छत्तीसगढ़ महतारी- अब छत्तीसगढ़िया अधिकार लेने की है तैयारी, नहीं सहेंगे महतारी का अपमान- 52 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने का करेंगे जोहार हिस्सेदारी का गान !
स्वाभिमान, सम्मान और अधिकार की लड़ाई! से बढ़कर है छत्तीसगढ़ महतारी के सम्मान की लड़ाई! जोहार जय छत्तीसगढ़, जोहार जय हिस्सेदारी!
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी जी संस्थापक अखिल भारतीय पिछड़ा के 21 वीं पुण्यतिथि पर बार-बार सत सत नमन! उत्पादक वर्ग- ओबीसी के पुरोधा के त्याग का फल है कि आज हम सभी अपने अधिकार के लिए एक साथ संघर्षरत हैं! ----- ओबीसी संयोजन समिति-छत्तीसगढ़ office समिति छत्तीसग
नंदा जाहि का रे, नंदा जाहि का रे, छोटे-मोटे कर्मचारी ह छत्तीसगढ़ से, नंदा जाहि का रे!
हमारा अधिकार के जगह है, लोकतंत्र के पहचान- आंदोलन के जगह नंदा जाहि का रे !
भारत को इसलिए स्वतंत्र करने में बलिदान दिए जिस संविधान अपने हीतो, अधिकारों और सम्मान के लिए हो! स्वतंत्र भारत में मैं हूं श्रेष्ठ हूं यह कहां का न्याय है! इसलिए सभी सरकारी और निजी क्षेत्र में सामाजिक न्याय- समान हिस्सेदारी 100% लागू हो देश की सेवा करने करने के लिए लोग चुनाव में नहीं खड़े हुए हैं यह सब OBC वर्ग से नहीं आते, आते भी होंगे तो कभी समान हिस्सेदारी के लिए आवाज बुलंद किया ही नहीं, यह वे लोग हैं जो तुम्हारे हिस्सेदारी को मिलकर खत्म करना चाहते हैं! इनकo vote ट ओबीसी समाज से चाहिए, लेकिन हमारे हिस्सेदारी का यह खुद खा जाएं
हिस्सेदारी के लिए भाई-भाई में झगड़ा हो जाता है अगर पंच परमेश्वर न्याय सही ना करे तो!
ओबीसी समाज को जब तक हिस्सेदारी नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष के मैदान में वह खड़ा मिलेगा!
क्योंकि महाभारत शुरू हो गया है और पांच पांडव माता जी के आशीर्वाद लेकर जंग के लिए निकल चुके हैं
इस देश में कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक तौर पर आरक्षण - हिस्सेदारी का विरोध नहीं कर सकता, अगर कोई विरोध करता है तो उनके आसपास के जितने भी एसटी- एससी- ओबीसी समाज के लोग हैं, उनका बाय कार्ड करें! क्योंकि यह वह लोग हैं जो तुम्हारे बच्चों के शिक्षा नौकरी व्यापार और प्रतिनिधित्व का अधिकार षडयंत्र पूर्वक छीन लिए हैं! इसलिए तुम गरीब और तुम्हारा कदर नहीं है!
तब समझ आ जाएगा पिछड़ों के हिस्सेदारी- आरक्षण का विरोध करने का मतलब!
गांधी- अंबेडकर -चंदापुरी के इस देश में सामाजिक न्याय का विरोध करने वालों को कोई भाव क्या सम्मान ही मत दो
हम हिंदू ही हैं और अपने हिस्सेदारी को कभी नहीं छोड़ेंगे!
तुमने कैसे सोच लिया हम हिंदुस्तान को छोड़ेंगे? हम ही भारत मां के संतान है, इसलिए ही भारत माता महान है!
गर्व से कहो हम हैं मूल भारती समुदाय.. भारत माता के संतान ओबीसी वीर
काका कालेकर आयोग के विरुद्ध 50% में ही आरक्षण सीमा क्यों लागू हुआ ?
मंडल आयोग को लागू करना होता है तो कौन रोकता है?
सवर्ण का ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू हो गया लेकिन ओबीसी का समान हिस्सेदारी अब तक नहीं कौन रोक दिया?
ओबीसी को अधिकार देने के लिए लाख षड्यंत्र कौन रचता है? 8 लाख वाले सवर्ण को बिना के जनगणना के 10% हिस्सेदारी कौन दिया?
भगवान एक बहाना है, ओबीसी का हिस्सेदारी खाना है
भारत की जनता से कोई गलती होता है तो वकील का सहारा लेता है और यह वकील सुप्रीम कोर्ट के जज को जूता दिखाकर दादागिरी दिखाते हुए , गलती करने के बाद दोस भगवान के ऊपर मड़ रहा है
ओबीसी का हिस्सेदारी खाओगे तो, गाली ही खाओगे!
ओबीसी के हिस्सेदारी खाने वाले नेता, संगठन, पार्टी , देश के गद्दार हैं !
संवैधानिक संस्थानों पर इस प्रकार के शाब्दिक प्रहार करना भी राष्ट्रद्रोह में शामिल किया जाए!
लिखने वालों को शब्दों की मर्यादा रखनी चाहिए!
जब भी किसी विचारों, कार्यों, फैसलों के प्रति असहमति हो तो तर्क और न्याय का रास्ता अपनाना चाहिए! ऐसे समय में हिंसा करने वाला व्यक्ति जबकि उसके खुद और परिवार की सुरक्षा खतरे में नहीं है हिंसक होना उसको कड़ी सजा मिलनी चाहिए!
समान हिस्सेदारी के गलत फैसलों के लिए भी क्या जूता चलाया जा सकता है?
जो इस वकील को सजा मिला वहीं सजा उसे समय भी मिलेगी क्या?
* कोई तुम्हें शुद्र बोल दे और तुम मान लो यह कैसे ?अंधभक्त और डर है, तुम्हारी
* है ओबीसी, वीरो आओ!
* भारत माता की सेवा के लिए समान हिस्सेदारी का झंडा उठाओ,
* तुम भारत माता के संतान हो, समान हिस्सेदारी लेकर बता दो, तुमने ही अखंड भारत बनाया है, भारत माता को सोने के मुकुट से सजाया है, देश को गुलामी से निकलने के लिए प्राणों की बाजी लगाया है, इसलिए देश में कानून का राज आया है, अब मिल कर लेंगे समान हिस्सेदारी, कोई रोकेंगे तो उसकी सत्ता पर होंगे भारी, क्योंकि लोकतंत्र की भारत में लागू होगी समान हिस्सेदारी!
ना तो भूतों से डरता है,
* वो ना ही डरता है मरी शमशान से,
* * वो ना डरता है किसी भगवान से,
* वो डरता है शूद्रों को हक अधिकार देने से।
वो डरता है शूद्रों को बराबरी का दर्जा देने से।
* * वो डरता है एससी, एस टी, ओबीसी से..
* वो कहीं उनसे आगे ना निकल जायें।
* वो डरता है उनके फैलाये हुये अंधश्रद्धा से
* कहीं एससी, एस टी, ओबीसी बाहर ना निकल जाये।
* वो डरता है सबकी समानता से,
* * वो सोचता है, अगर कोई नीच ही नहीं रहेगा तो वो ऊँचा कैसे रहेगा।
* वो डरता है, एससी, एस टी , ओबीसी से क्योंकि अगर
* * जाति आधार पर आरक्षण दिया जायेगा।
तो शूद्र अपनी तरक्की कर लेगा।
* और उसकी चंगुल से बाहर निकल जायेगा।
* * खुद जागेगा और औरों को भी जगायेगा।
* वो ऐसी हर उस बातों से डरता है।
* कहीं एससी, एस टी, ओबीसी एक हो गया तो फिर इस देश का नियंत्रण obc के हाथ में आ जायेगा और obc न्यायपूर्ण समानता से संपूर्ण देश
* को चलायेगा और उनका काला चिठ्ठा बाहर निकालेगा।
* और उनको दंडित भी करेगा।
* इस लिये हर हाल में वह एससी, एस टी, ओबीसी को कभी एक होने नहीं देगा।
* वह हर हाल में अपना प्रभुत्व नहीं छोड़ेगा उसके लिए चाहे कितने ही लोग मरे।
* * चाहे देश हजारों साल पीछे चला जाये।
* उसे अपने स्वामित्व तथा प्रभुत्व से मतलब है।
* * उसे अपनी और अपने समुदाय की छोड़
देश में किसी की कोई परवाह नहीं है।
* देश की जनता को गंभीरता से सोचना पड़ेगा।
* * वह कैसे हालात वाला देश चाहता है।
* सत्ता तख्ता पलट होना चाहिए।
* * अपनी सत्ता के अस्तित्व में रहने के लिए इन्होंने क्या क्या षडयंत्र किये हैं यह सब जनता को पता है।
* इसके बावजूद भी जनता क्या सोचती है।
* * वह तो जनता जनार्दन पर ही निर्भर है।
वो डरता है तो सिर्फ,. .. . महात्मा गांधी के लोकतंत्र से बने स्वतंत्र भारत से
डा० बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर और उनके संविधान से....
अंधविश्वास, ढोंग,पाखण्ड, असमानता, ढकोसला, छुआछूत बेईमानी, भगाओ सच्चे भारतीय बनों।
अब भी जातिवाद का जहर बड़ी तेज़ी से बढ़ता जा रहा है जातिवाद खत्म करो य समान हिस्सेदारी लागू करो।
आज भी एक अनपढ़ पांचवीं फेल पंडित पंडित कहलाता है और दलित Engineer, Doctor, Professor, Scientist, teacher Officer, Ph.D किया हुआ भी शूद्र या दलित कहलाता है। आखिर क्यों (?) अभी तक जातिवाद फैलाया हुआ है।
???? सुप्रभात ????
✨ आज का दिन आपके जीवन में नई ऊर्जा, सफलता और सम्मान लेकर आए।
आपका प्रत्येक कदम समाज के उत्थान और देश व समाज की एकता के प्रतीक बने। ✨
अगर भारत माता को माता तो ओबीसी वर्ग को भाई मानते हो तो (भाई बटवारा )समान हिस्सेदारी के लिए तैयार हो!
अगर समान हिस्सेदारी अब तक नहीं दिए हो इसका मतलब है तुम भाई नहीं हो, मतलब भारत माता के बेटे नहीं हो!
जब भारत मां के बेटे नहीं हो तो विदेशी हो और विदेशी भारत छोड़ो!
भारत माता की जय बोलकर देशभक्ति बहुत दिखते हो, जब ओबीसी वर्ग भाई बटवारा की न्याय समान हिस्सेदारी की मांग करता है तो जातिगत जनगणना, नई आयोग रिपोर्ट, 50% सुप्रीम कोर्ट का बहाना बनाते हो!
तू ! तू क्या सरकार चलाए गा रे , बिना जाति जनगणना के सिर्फ सवर्णों के लिए ईडब्ल्यूएस आरक्षण लागू कर दिया
आहों से पत्थर पिघलेगा, इस धोखे में मत रहना!_
बिना लड़े इन्साफ मिलेगा, इस धोखे में मत रहना!!
भारत के जर्रे जर्रे में,अपना अपना हिस्सा हैं,
बुला कर कोई देगा,इस धोखे में मत रहना!
कहा किसी ने तेरे हाथों में,धन दौलत की रेखा हैं,
छप्पर फाड़कर धन बरसेगा, इस धोखे में मत रहना!
शिक्षित और संगठित होकर, खुद पर तुम विश्वास करो,
और कोई संघर्ष करेगा,इस धोखे में मत रहना!
संविधान की रक्षा करना,सब की जिम्मेदारी हैं,
कोई और बेड़ा पार करेगा, इस धोखे में मत रहना!
बिना लड़े इन्साफ मिलेगा,इस धोखे में मत रहना,
इस धोखे में मत रहना!
_* जागो भारतीय जागो*_
जय ओबीसी जय किसान
!! जय भारत !! जय विज्ञान!! जय संविधान।।
#बिहार_गोपलगंज
पिछड़ा-अति पिछड़ा जगाओ यागाय को माता बोलकर वोट लेते हैं और वोट लेकर सरकार बनाने के बाद बीफ मतलब गाय को मार कर उसकी मांस को बेचते हैं ऐसा क्यों
भारत देश का कर्ज 11 सालों में चार गुना बढ़ने का सीधा मतलब है कोई है जो देश में बैठकर देश की संपदा को लूट रहा है या किसी गद्दारों को दे रहा है
भारत में भी विदेश नीति के नाम से प्रचार में लाखों करोड़ों अरबों खरबों रुपया खर्च लेकिन स्कूल, अस्पताल, गरीबों बेरोजगारों के लिए कोई सुविधा नहीं!
आरक्षण ही समान हिस्सेदारी है इसे प्राप्त करना हर भारत माता के सपूत की जिम्मेदारी है ! लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए समान हिस्सेदारी 100% लागू करना होगा! जो आरक्षण मतलब समान हिस्सेदारी का विरोध करता है वह पहले अपने माता-पिता के संपत्ति में बैठे हुए अधिकार छोड़ें ! भारत माता की सेवा का अधिकार शिक्षा नौकरी एवं प्रतिनिधित्व से वंचित रखने वाले लोग देशद्रोही हैं! ऐसा देशद्रोही ना देश का होगा , ना समाज का, ना परिवार का यही लोग बड़े-बड़े घोटाला करते हैं!
मोदी जी के कार्यकाल में 50% आरक्षण( समान हिस्सेदारी )सीमा हटी! इसलिए 100% आरक्षण सीमा लागू होगा! ओबीसी समाज को समान हिस्सेदारी 52 प्रतिशत आबादी के आधार पर मिलने का रास्ता खुला! जातिगत जनगणना की घोषणा मोदी द्वारा हुआ है लेकिन उनका प्रचार उनके ही समर्थक लोग नहीं करते !
इसका मतलब ओबीसी समाज का वोट लगता है छोटे नेताओं को नहीं चाहिए!
प्रदेश स्तर के सभी छोटे नेताओं द्वारा सरकार की हर योजना का बखान कर रहे हैं लेकिन उसी की पार्टी द्वारा घोषित जाति जनगणना की एक भी सभा नहीं की गई! जीएसटी घटना से फायदा है लेकिन जातिगत जनगणना होने से क्या होगा, यह तो लोगों को बताएं
ओबीसी समाज के वोट से सरकार बनती है लेकिन सबसे बड़े IAS की नौकरी कोई दूसरा समाज और पार्टी के लोग ले जाता है!
ओबीसी समाज को समान हिस्सेदारी आरक्षण मिला होता तो IAS की एक भी नौकरी चोरी नहीं होती,
कुछ लोग मिलजुल कर ओबीसी के वोट मतलब अधिकारों की चोरी करते हैं!
वर्तमान सरकार सत्ता में आने के लिए लाखों करोड़ों जनता को गुलाम बनाने के लिए बांट सकती है लेकिन कभी भारतीय ओबीसी हिंदु को उनका अधिकार समान हिस्सेदारी कभी देना नहीं चाहेगी! सुन लो ओबीसी समाज समान हिस्सेदारी (आरक्षण )अधिकार मिल गया, तो तुम्हारे बच्चे शिक्षा ,नौकरी , बिजनेस, राजनीतिक नेतृत्व करते हुए करोड़ कमा लेंगे!
इसी लेवल के बड़े IAS लोग ही हैं जो ओबीसी आरक्षण के 27 प्रतिशत वाले संवैधानिक बिल को दबा के बैठे हैं... बिलासपुर में एनजीओ द्वारा भी किया गया करोड़ का घोटाला एक लेवल के IASके द्वारा हुआ है जो ओबीसी से नफरत करते हैं.. छत्तीसगढ़ियों से भी नफरत करते हैं
इसी लेवल के बड़े IAS लोग ही हैं जो ओबीसी आरक्षण के 27 प्रतिशत वाले संवैधानिक बिल को दबा के बैठे हैं... बिलासपुर में एनजीओ द्वारा भी किया गया करोड़ का घोटाला एक लेवल के IASके द्वारा हुआ है जो ओबीसी से नफरत करते हैं.. छत्तीसगढ़ियों से भी नफरत करते हैं
गुलाम भारत में आंधी बनकर आया गांधी, जो देश के लिए किया उसको क्यों न याद करें!
मोदी जी ने ही 50% की आरक्षण सीमा तोड़कर EWS को लागू किया था। यही वह कदम था, जहां से सामाजिक न्याय की जकड़ी हुई प्रक्रिया को नई दिशा मिली।
EWS की न तो किसी ने मांग की, न कोई आंदोलन हुआ और न ही कोई सर्वे कराया गया। इसके बावजूद इसे लागू किया गया और इसे पूरी तरह ब्राह्मण–बनिया—सुवर्ण समुदाय तक सीमित रखा गया, जबकि SC, ST और OBC को इससे बाहर रखा गया।
असल में EWS लाने का मूल उद्देश्य 50% की सीलिंग को तोड़ना ही था। अब जब यह सीमा टूट चुकी है, तो सवाल उठता है—मोहन यादव अपने ही ओबीसी भाइयों को इसका लाभ क्यों न दें?
मनुवादियों ने समझा कि EWS से उन्हें फायदा होगा, लेकिन असल में इसी बहाने उनके किले में सेंध लग गई। अब जब परिणाम सामने आ रहे हैं, तो वही मनुवादी वर्ग परेशान होकर रोने लगा है,
P. विल्सन वही वकील हैं जो EWS को सुप्रीम कोर्ट लेकर गए और कहा कि EWS का आधार ग़रीबी है तो SC ST OBC को इससे बाहर क्यों रखा गया, क्या इनमें ग़रीब नहीं होते है? इन्हीं वकील को मोहन यादव सरकार ने अपना वकील बनाया है, याद रखना कोई रोक नहीं पाएगा,
भविष्य में SC ST का रिज़र्वेशन भी बढ़ेगा यह तय है, इस क्रांति को कोई दबा नहीं पाएगा ।
महात्मा गांधीजी और प्रधानमंत्री मोदी जी दोनों ही देश के लिए अनमोल सपूत है! स्वतंत्र भारत में लोकतंत्र की स्थापना के लिए समान हिस्सेदारी की जिस दिन मोदी जी ने घोषणा के साथ नवमी अनुसूची में शामिल कर दी उसे दिन उत्पादक वर्ग को युगों युगों की भारत माता की सेवा का आशीर्वाद मिल जाएगा, न्याय मिल जाएगा !
"जो निडर थे वह देश की आजादी के जंग में गए "
' ये अंग्रेजों भारत छोड़ो ' की नारों के साथ भारत की आजादी की लड़ाई को अहिंसात्मक रूप से बुलंद करने वाले विश्व नायक राष्ट्र गौरव महात्मा गांधी जी की 02 अक्टूबर 2025 को 156 वीं जयंती में दिल के गहराइयों से शत शत नमन!
स्वतंत्र भारत में लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए समान हिस्सेदारी लागू करो
कोई भी प्रकृति और साइंस के नियमों से नहीं बच सकता.. स्वयं के बेहतर के लिए भक्ति अच्छी बात है लेकिन आडंबर कभी नहीं.. प्रकृति और विज्ञान के नियमों से खतरा लेकर धर्म का दिखावा करना गलत बात है.सोशल मीडिया पर किसी को फॉलो करने का मतलब यह नहीं कि उनके हम अंधभक्त हैं, यह जानना और समझना हमारे लिए बेहद जरूरी है कि तुमने अंधभक्त बनाया कैसे हैं?
और इन अंध भक्तों से उनके परिवार और उनके देश को बर्बाद कैसे करना है तुमको किसने सिखाया और तुमने कैसे इनको सीखा रहे हो यह जानना जरूरी है...?
जब कोई कहता है कि एक व्यक्ति क्या बदल सकता है—मैं उन्हें गांधी की कहानी सुनाता हूं.
उन्होंने शांति को आंदोलन बनाया, सत्य को हथियार, और नैतिक साहस को क्रांति.
आज जब सत्य को शोर में दबाया जा रहा है, असहमति को दुश्मनी समझा जा रहा है — गांधी हर जागरूक आत्मा के लिए एक सक्रिय आह्वान हैं.
हमें उनकी तस्वीरों को दीवार पर टांगने की नहीं, उनके विचारों को जीवन में उतारने की ज़रूरत है.
महात्मा गांधी को शत् शत् नमन!
देशभर के सभी ओबीसी एक्टिविस्ट और संगठन से निवेदन हैं हमें अपनी संपूर्ण भागीदारी और सामाजिक सुरक्षा प्राप्त करने के लिए तूफान लाना होगा..... सबसे जुड़ें और जोड़ें
7 अगस्त 1990 को तत्कालीन प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह ने देश के सामाजिक न्याय के इतिहास में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मण्डल कमीशन की 40 सिफ़ारिशों में से एक सरकारी नौकरियों में 52% ओबीसी समुदाय के लिए सरकारी नौकारीयों में 27% आरक्षण लागू करने की घोषणा किया जिसे 2006 में अर्जुन सिंह ने आगे बढ़ाते हूए शिक्षण संस्थानों में लागू किया यह कदम वंचित तबकों के लिए शिक्षा और रोज़गार के दरवाज़े खोलने वाला साबित हुआ!
SC समाज: लगभग 15% आबादी 15% आरक्षण
ST समाज: लगभग 8% आबादी 08% आरक्षण
सवर्ण लगभग 10% आबादी 10% EWS आरक्षण
ओबीसी लगभग 52% आबादी मात्र 27% आरक्षण (वह भी सभी राज्यों में लागू नहीं हो पाया है)
इससे स्पष्ट है कि बहुसंख्यक ओबीसी समाज को आज भी उनकी आबादी के अनुपात में अवसर नहीं मिला हैं। मण्डल कमीशन रिपोर्ट लागू होने से देशभर के सरकारी दफ्तरों, विश्वविद्यालयों, IIT, IIM, AIIMS, UPSC, SSC और अन्य सरकारी नौकरियों में ओबीसी समुदाय के लाखों युवाओं को अवसर मिला /
स्वतंत्रता लोकतंत्र और समान हिस्सेदारी के प्रणेता महात्मा गांधी जी युगों युगों तक याद रखे जाएंगे!
वोट लेकर सरकार चलाना अलग बात है और जनता का समर्थन लेकर असहयोग आंदोलन चला कर अंग्रेजों को भगाना अलग ही साहस की बात है! महात्मा गांधी जन्म तिथि 2 अक्टूबर 2025 पर बापूजी को शत-शत नमन
भारत देश में
स्वतंत्रता,
लोकतंत्र,
और
समान हिस्सेदारी
के जनक !
महात्मा गांधी जी
की जयंती की
जय !
महात्मा गांधी ने ऐसा मार्गदर्शन "सत्य और अहिंसा का प्रयोग'' दिया जो दुनिया सदियों तक नहीं भूल पाएगी!
इसीलिए तो उनको अहिंसा की पुजारी महात्मा गांधी जी, उनके चाहने वाले बापू जी कहते हैं!
महात्मा मोहनदास करमचंद गांधी जी की जयंती पर बापूजी को शत-शत नमन!!
उनके अंदर राजनीतिक सोच ऐसी रहा धर्म -जाति , देश -विदेश, राजा- रंक, महिला -पुरुष , विज्ञान -संस्कार, युद्ध और बुद्ध के बीच सत्य अहिंसा का प्रयोग इतनी चतुराई से किया- कि अंग्रेज देश छोड़ने के लिए मजबूर हो गए!
इसलिए ऐतिहासिक जीत का ऐतिहासिक गीत बना!
बंदे में था दम, वंदे मातरम!
विनीत- अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ से संबंध ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़..
महात्मा गांधी पर जनता उम्मीद करते थे कि यही आज़ादी दिलाएंगे तो उन्होंने आजादी दिल लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनसे स्वतंत्र देश में पंचायती राज और समान हिस्सेदारी वाला लोकतंत्र यह सभी उम्मीद जायज है.... 2 अक्टूबर गांधी जयंती की आप सभी को प्रेरणा संघर्ष वाली शुभकामनाएं
जिसकी लाठी उसकी भैंस, इसलिए संगठित रहो !
आपका अधिकार और ज्ञान के आत्मविश्वास को कोई छीन नहीं सकता !
भारत माता के सभी सच्चे संतान कहलाओगे जब तुम अपने हिस्सेदारी को लेने के लिए किसी भी हद से गुजर जाओगे!
अपने अधिकार लेने के लिए जान देने तक संघर्ष करो, नहीं तो अधिकार के लिए रोकने वालों की जान भी ले लो!
हमें तो अधिकार देने वाला सरकार चाहिए!
जीएसटी बढ़ाने वाला, घटाने वाले चले जाएंगे !
पूर्व प्रधानमंत्री VP Singh की सरकार को ओबीसी का समर्थन मिला!
उन्होंने 27% OBC आरक्षण घोषित कर इतिहास गढ़ दिया
शांत व्यक्ति में सबसे बड़ी चिंगारी होती है, जो देश के साथ जीना चाहता है वह देश के लिए मरने के लिए तैयार है! सोनम वांगचंग देश और अपने राज्य के सबसे बड़े हीरो आपकी बहुत सारी बातें इतिहास की तर्कसंगत में खड़ा नहीं उतर रहा... अपने स्वतंत्र भारत और तेली ओबीसी समाज का अधिकार के बारे में कुछ नहीं बोला इसका मतलब है आपको समाज के हित से कोई मतलब नही
मंदिरों के मूल नाम को नहीं बदलना चाहिए!
कोई भी छत्तीसगढ़ीया अपने माता-पिता के नाम बदलना नहीं चाहेगा ! नाम बदल जाएगा , इसका मतलब इतिहास को बदलने के लिए पहला स्टेप है - कोई षड्यंत्रकारी है जो इतिहास बदलना चाहता है देश के लिए काम करना है तो अपने स्वार्थ छोड़ना पड़ेगा.. अपने लिए अलग नियम, जनता के लिए अलग नियम! यही से भ्रष्टाचार शुरू होता है!
जब एक व्यक्ति स्वार्थी होता है देश में तो उसी को देखकर दूसरे क्रमिक व्यक्ति स्वार्थी होने लग जाते हैं!
जब सभी वर्गों को समान हिस्सेदारी दिया जा रहा है तो सिर्फ ओबीसी के लोगों को क्यों नहींमंदिरों के मूल नाम को नहीं बदलना चाहिए!
कोई भी छत्तीसगढ़ीया अपने माता-पिता के नाम बदलना नहीं चाहेगा ! नाम बदल जाएगा , इसका मतलब इतिहास को बदलने के लिए पहला स्टेप है - कोई षड्यंत्रकारी है जो इतिहास बदलना चाहता है !
देश के लिए काम करना है तो अपने स्वार्थ छोड़ना पड़ेगा.. अपने लिए अलग नियम, जनता के लिए अलग नियम! यही से भ्रष्टाचार शुरू होता है!
जब एक व्यक्ति स्वार्थी होता है देश में तो उसी को देखकर दूसरे क्रमिक व्यक्ति स्वार्थी होने लग जाते हैं!
जब सभी वर्गों को समान हिस्सेदारी दिया जा रहा है तो सिर्फ ओबीसी के लोगों को क्यों नहीं?
पटना में अतिपिछड़ा वर्ग के उत्थान, उन्नति, बेहतरी, भागीदारी और आर्थिक सबलता के लिए कांग्रेस गठबंधन ने 1990 के पहले की गलतियों को सुधारते हुए“अतिपिछड़ा न्याय संकल्प” पेश किया। क्योंकि मालूम हो उस गलती के बाद गैर कांग्रेसी सरकार सामने आए और उन्होंने 27 प्रतिशत ओबीसी समान हिस्सेदारी की घोषणा की... लेकिन बदकिस्मती देखिए उसकी सरकार को उनके ही गठबंधन के दूसरे पार्टी ने गिरा दिया!
इसके अंतर्गत:-
????. ‘अति पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम’ पारित किया जाएगा।
????. अतिपिछड़ा वर्ग के लिए पंचायत तथा नगर निकाय में वर्तमान ????????% आरक्षण को बढ़ाकर ????????% किया जाएगा।
????. आबादी के अनुपात में आरक्षण की ????????% की सीमा को बढ़ाने हेतु, विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में डालने हेतु केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
????. नियुक्तयों की चयन प्रक्रिया में “???????????? ???????????????????? ????????????????????????????????” (????????????) जैसे अवधारणा को अवैध घोषित किया जाएगा।
????. अतिपिछड़ा वर्ग की सूची में अल्प या अति समावेशन (????????????????????- ???????? ????????????????-????????????????????????????????????) से सम्बन्धित सभी मामलों को एक कमेटी बनाकर निष्पादित किया जाएगा।
????. अतिपिछड़ा, अनुसूचित जाति, जन-जाति तथा पिछड़ा वर्ग के सभी आवासीय भूमिहीनों को शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में श्रेणीकृत ???? तथा ???? डिसमिल आवासीय भूमि उपलब्ध करायी जायेगी।
????. ???????????? सरकार द्वारा पारित ‘शिक्षा अधिकार अधिनियम’ (????????????????) के तहत निजी विद्यालयों में नामांकन हेतु आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा अति पिछड़ा, पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति और जन-जाति के बच्चों के लिए किया जायेगा।
????. ???????? करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेके/आपूर्ति कार्यों में अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के लिए ????????% आरक्षण देने का प्रावधान किया जाएगा।
????. संविधान की धारा ????????(????) के अंतर्गत राज्य के सभी निजी शिक्षण संस्थानों के नामांकन में आरक्षण लागू किया जायेगा।
????????. सभी प्रकार के आरक्षण की देख रेख के लिए उच्च अधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकर (???????????????????????????????????????????? ???????????????????????????????????????? ????????????????????????????????????) की स्थापना की जाएगी। विधान मंडल की अनुमति के बिना आरक्षण हेतु जारी जातियों की सूची में परिवर्तन नहीं किया जायेगा।
कैसे सुधरेगा भारत कि जनता की स्थिति?
यहां तो मैं सबसे अच्छा सामाजिक व्यक्ति हूं बोलकर लोग राजनीति में आ जाते हैं!
आपको चुना है ,
1. सामाजिक अधिकार के लिए संघर्ष - के साथ हैं
2. राजनीतिक फैसले से खत्म हो समाज- मन मे है राजनीति का साथ!
कुछ लोग हैं जो सबको धोखेबाज कहते हैं और भरोसा सिर्फ चापलूसों पर करते हैंसंघर्ष रंग लाता है लेकिन बिना फल प्राप्त करें वापस होना नहीं है!
मध्य प्रदेश में लागू हो सकता है 27 प्रतिशत ओबीसी अधिकार संघर्ष जारी.
ओम नमः शिवाय! सत्यम शिवम सुंदरम ! सत्यमेव जयते! समान भागीदारी लोकतंत्र की सच्चाई है और समान भागीदारी का हीं विजय होगा !
प्रकृति की अद्भुत शक्ति को जानने की इच्छा ही विज्ञानवाद को जन्म देती है... दुनिया में अद्भुत अद्भुत विज्ञान है.. इसको जान लिए तो आप अंधविश्वास में नहीं पड़ेंगे!
धर्म का चादर ओढ़ कर कोई समान हिस्सेदारी ( आरक्षण ) का विरोध करता है ! ऐसा करने वाला कोई भी संत नहीं, ढोंगी होता है ! मूर्ख और अंधभक्त भी होता है! जो अपने मूर्खता से दूसरों को धार्मिक आडंबर में फसाता है!
कोई हमें फिर से बताएं, पूनावाला समझौता लोकतंत्र की स्थापना के लिए था, की समान हिस्सेदारी के लिए था ! और इस समझौता में किस वर्ग को उनका अधिकार मिला ?और कौन सा वर्ग अभी अधिकार के लिए संघर्षरत है ?
महात्मा गांधी का जयंती आने के पहले ही बहुत से भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया में जारी होती
जिनको समान् हिस्सेदारी मिल गया है वह कुछ भी बोल सकते हैं !
क्योंकि समान हिस्सेदारी नहीं मिला है उनका नुकसान हो रहा है दूसरों का नहीं!
सबको मिला आबादी के आधार पर समान हिस्सेदारी, ओबीसी (मूल भारतीय समुदाय) देश को आजाद करवाने वालों को क्यों नहीं मिल पाया है अब तक समान हिस्सेदारी
सरकारी युवाओं को नौकरी नहीं दे पा रही है इसलिए नौकरी के 20 साल बाद परीक्षा लेने की योजनाएं बना रही है इससे नई वैकेंसी तो खुलेगी नहीं सिर्फ युवाओं को 5-10 साल के लिए अच्छा लगेगा !
जहां सरकार को पिछले 10 सालों में 25 बच्चों के अनुपात में शिक्षक भर्ती करना था वहां 25% सीट वाली प्राइवेट स्कूल को बजट और मान्यता दे दी!
जीएसटी में 127 लाख करोड़ रूपया 8 साल में सरकार के पास गया जीएसटी सुधार रिपोर्ट से बता रहे हैं..
भारत देश की आबादी अधिक है यहां पर किसी भी योजनाओं को बदलना छेड़छाड़ करना जनता के लिए नुकसानदायक होता है!
सभी प्रकार के संशोधन सरकार करते हैं ओबीसी अधिकार के लिए 50% आरक्षण सीमा में से राज्य के ओबीसी को आबादी के आधार पर 50% आरक्षण हिस्सेदारी हर राज्य को तुरंत देनी चाहिए !
भारत देश के 52 प्रतिशत आबादी ओबीसी समाज को केंद्र सरकार वर्तमान मैं 50% आरक्षण सीमा रेखा ईडब्ल्यूएस बिना जनगणना के 10% लागू होने से खत्म हो गई !
अब केंद्र में 27% आरक्षण को 52% सरकार बहुमत में है तो कर देना चाहिए!
इसके लिए जनगणना की कोई जरूरत नहीं !
आप सभी प्रबुद्ध कर्मचारी वर्ग है, अपने हिस्सेदारी को प्राप्त करने के लिए ओबीसी अधिकार के लिए अपना समय, साधन, आर्थिक सहयोग, ओबीसी वर्ग के संगठन को जरूर प्रदान करें
आरक्षण का विरोध करने वाले क्या अपने माता-पिता के संपत्ति में आरक्षण मतलब हिस्सेदारी छोड़ेंगे?
स्टांप पर लिख कर देने वाले ही आरक्षण मतलब समान हिस्सेदारी का विरोध करें अधिकार सबसे बड़ा है, अधिकार से इंसान के परिवार भूखे नहीं रहते !
जिनका अधिकार छिन गया, मतलब रोजी-रोटी छिन गया..
जैसे एक परिवार में समान हिस्सेदारी कोई भी संतान नहीं छोड़ता !
वैसे ही भारत माता के संतान हम सब ओबीसी उत्पादक वर्ग 52% समाज कैसे छोड़ देंगे!
आज भी गरीबी, पिछड़ेपन ,अशिक्षा, अंधविश्वास एक ही कारण है ओबीसी समाज को समान हिस्सेदारी नहीं मिलनाविपक्ष और सरकार ना लेफ्ट, ना राइट की बात कर.
सीधे ओबीसी समाज को भी समान हिस्सेदारी देने की बात कर
सरकार और विपक्ष कम ज्यादा जीएसटी की बात ना कर !
सीधे ओबीसी समाज को भी समान हिस्सेदारी देने की बात कर!
ओबीसी की वोट से सत्ता में बैठने वाले!
समान हिस्सेदारी लागू करो वरना कुर्सी खाली करो
यही कारण है कि लोकतंत्र पर युवाओं का भरोसा उठने जा रहा है ओ दिन दूर नहीं जब युवा आक्रोशित हो जाएंगे! 15- 18 साल से शिक्षा ले रहे युवक को अवसर नहीं मिलेगा तो वह अपने लिए अवसर किसी भी रूप में तलाश लेंगे !!! मैं उन युवाओं को नहीं बोल रहा हूं जिसका जमीर मर गया है और जो देश के साथ गद्दारी स्वीकार कर लिए हैं! चापलूसी करने वाले देशभक्त युवा नहीं हो सकते हैं, जब भारत माता को शीर्ष पर ले जाना है तो कुछ लोग गुलामी की गर्त पर ले जा रहे हैं फिर भी वह दो शब्द अपने देश के सम्मान में नहीं बोल पा रहे हैं! भारत माता की जय! लोकतंत्र की जय ! समान हिस्सेदारी की जय 2027 के जनगणना के लिए प्रगणक कर्मचारियों की सूची बन रही है, समान हिस्सेदारी अधिकार के लिए जागरूक संघर्षरत ओबीसी समाज ध्यान रखें कि ओबीसी की भी जातिवार गिनती होनी चाहिए.. और यह कालम जनगणना फॉर्मेट में होनी चाहिएOBC के प्रधानमंत्री, लेकिन ओबीसी को सामाजिक न्याय अभी तक नहीं मिला है, लगता है अब क्रीमी लेयर में आ गए हैं! इसलिए EWS आरक्षण लागू कर दिया जिसमें ओबीसी गरीब शामिल नहीं है!
राजनीति के शतरंज की बादशाह ओबीसी समाज, पर सत्ता में कोई और हैआखिर क्यों?
पार्टी के पदाधिकारी और सरकार के सिस्टम मोदी कैबिनेट द्वारा ले गए जातिगत जनगणना के बारे में खुले मंच में बात क्यों नहीं कर रहे हैं? क्या सबको मेरे घोषणा पर विश्वास नहीं हैईडब्ल्यूएस आरक्षण में ओबीसी वर्ग के गरीब शामिल नहीं है तो यह किसके लिए आरक्षण है... इसका मतलब सचिव लोगों ने बेवकूफ बनाया है.. प्रधानमंत्री
ईडब्ल्यूएस आरक्षण है कि हिस्सेदारी है, बिना जाति जनगणना के इसको कैसे समिति ने पास किया..?
गुप्त सूत्र से खबर
प्रधानमंत्री जी- ओबीसी वर्ग को समान हिस्सेदारी आरक्षण देने के के लिए जातिगत जनगणना करना क्या जरूरत है? पहले से मंडल आयोग के आधार पर 27 प्रतिशत दिया भी है!
लैटरल एंट्री वाले सचिव- सही संख्या ओबीसी वर्ग का पता चल जाए , सर.
प्रधानमंत्री जी- ईडब्ल्यूएस आरक्षण देने के पहले कौन सा जाति का जनगणना हुआ है?
लैटरल एंट्री वाले सचिव- पार्टी का आदेश है..
प्रधानमंत्री जी- इसीलिए सोच रहा हूं , ओबीसी वर्ग मुझे वोट क्यों नहीं दे रहे हैं ?
गठबंधन की सरकार बनानी पड़ी..प्रधानमंत्री जी - मैंने जाति जनगणना की घोषणा कर दिया है!
लेकिन सरकारी सिस्टम और पार्टी अगर पूरा नहीं करता है तो वोट मत देना!
जातिगत जनगणना की घोषणा कर दिया हूं, आंकड़े भी प्रसारित करूंगा, ओबीसी को उनका 52% हिस्सेदारी भी दूंगा !
अगर देश में ओबीसी वर्ग को भी 52% समान हिस्सेदारी नहीं दिया तो मुझे वोट मत देना. मान लेना आपका दिया हुआ वोट चोरी हो गया है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद पिछड़े वर्ग (OBC) की संतान होने का दावा करते हैं, तब भी सत्ता के प्रमुख मंत्रालयों में 90% बहुजन समाज का लगभग प्रतिनिधित्व नजरअंदाज किया जा रहा है!
आंकड़े साफ़-साफ़ कहते हैं कि SC, ST और OBC के अधिकार सवर्णों द्वारा हड़पे जा रहे हैं क्या इसी दिन के लिए ओबीसी हिंदू देश को आजाद करने में कुर्बानी दिए क्या हम ‘हिंदुत्व’ के नाम पर शुद्र नाम की गली धारण कर रहेंगे जहाँ सत्ता और राष्ट्र के संसाधनों पर सवर्णों का कब्ज़ा कायम करके बहुजन समाज के अधिकारों को हड़पा जा रहा हैं यह आकड़ा Hindustan Times के Council of Ministers Database से लिया गया है जिसमें प्रधान मंत्रालय स्तर के प्रमुख मंत्रालयों में IAS सचिवों का जातिगत वितरण:-
प्रधानमंत्री ऑफिस
1. PMO: सवर्ण – 21, OBC 04, SC/ST 00
प्रशासनिक गृह मंत्रालय
2. MHA: सवर्ण 38, OBC 02, SC/ST 02
3. Difrence: सवर्ण 41, OBC 03, SC/ST 03
4. Finance: सवर्ण 45, OBC 01, SC/ST 00
5. External Affairs: सवर्ण 42, OBC 03, SC/ST 00
इन आकड़ों से स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि 52% ओबीसी बहुजन समाज आज भी सत्ता के मुख्य हिस्सों से कैसे बाहर है, जबकि सवर्णों का प्रभुत्व कायम है यह सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता का दर्पण हैं!
पूर्व प्रधानमंत्री VP Singh और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी दोनों में से कौन महान है?
दुनिया के महान लीडर वही होते हैं जो देश के साथ जिस वर्ग को न्याय नहीं मिला है उसको भी न्याय दें!
क्योंकि लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए समान हिस्सेदारी सभी वर्ग को देना जरूरी हैपूर्व प्रधानमंत्री VP Singh और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी दोनों में से कौन महान है?
कुछ लाइन जिससे आपको फैसला लेने में आसानी होगी..
1. 1 वर्ष से भी कम समय में ओबीसी उत्पादक वर्ग को 27 प्रतिशत हिस्सेदारी की घोषणा किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में देश में लागू किया!
2. 11 वर्ष सत्ता में रहने के बाद सिर्फ जाति जनगणना की सोशल मीडिया में घोषणा!
दुनिया के महान लीडर वही होते हैं जो देश के साथ जिस वर्ग को न्याय नहीं मिला है उसको भी न्याय दें!
क्योंकि लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए समान हिस्सेदारी सभी वर्ग को देना जरूरी हैजाति भेदभाव सब जगह इसलिए अपने जाति वर्ग को मजबूत करें !
ओबीसी को 52% समान हिस्सेदारी हासिल करने के लिए सब प्रयासरत रहे.. !
ओबीसी को 52% हिस्सेदारी मिलने के बाद देश में अन्याय होगा ही नहीं... .
देश को बेचने वाले दलाल पैदा होगा ही नहीं!
किसी चैनल और किसी पार्टी में बैठकर देश और धर्म के नाम पर ओबीसी के साथ गद्दारी नहीं कोई कर सकताआजादी के पहले 565 राजाओं में सिर्फ अपना लाभ सोचा देश का नहीं !इसीलिए महात्मा गांधी ने भारत देश को स्वतंत्र करवा कर लोकतंत्र की स्थापना किया... लोकतंत्र पूर्ण रूप से सम्मानित हिस्सेदारी से ही स्थापित हो पाएगीवही असली संतान है जो अपने माता-पिता और अपने भारत माता के संपदा में अपने हिस्सेदारी नहीं छोड़ता है!
जिस प्रकार से 10 परसेंट आरक्षण को पलक झपकते लागू कर दिया गया आज दसको बीत गए ओबीसी आरक्षण 27 परसेंट लागू नहीं हो सका जबकि वर्तमान में राज्य एस टी,ओबीसी केंद्र एवं राज्य सरकार में बैठे हुए हैं उम्मीद है कि यह 27 परसेंट आरक्षण बहुत जल्द ओबीसी समुदाय राष्ट्रीय एवं राज्य लेवल पर लागू किया जाएगा बहुत-बहुत धन्यवाद 21 जून 2025 योग दिवस पर आप सभी को साहू परिवार की ओर से समस्त देशवासियों को योग दिवस पर बहुत बहुत शुभकामनाएं जय हिंद जय भारत।
जिस प्रकार से 10 परसेंट आरक्षण को पलक झपकते लागू कर दिया गया आज 10 को बीत गए ओबीसी आरक्षण 27 परसेंट लागू नहीं हो सका जबकि वर्तमान में स्ट एससी ओबीसी केंद्र एवं राज्य सरकार में बैठे हुए हैं उम्मीद है कि यह 27 परसेंट आरक्षण बहुत जल्द ओबीसी समुदाय राष्ट्रीय एवं राज्य लेवल पर लागू किया जाएगा बहुत-बहुत धन्यवाद 21 जून 2025 योग दिवस पर आप सभी को साहू परिवार की ओर से समस्त देशवासियों को योग दिवस पर बहुत बहुत शुभकामनाएं जय हिंद जय भारत।